– गांव-गांव से सटीक डेटा जुटाने का सख्त आदेश
फर्रुखाबाद। जनगणना 2027 को लेकर जिले में प्रशासन ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। जिलाधिकारी डॉ . अंकुर लाठर ने साफ फरमान जारी करते हुए कहा है कि जनगणना में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत सूचना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज विभाग ने 4 मई से 6 मई तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा बैठकों का रोस्टर लागू कर दिया है। इन बैठकों में ग्रामीणों को न सिर्फ जागरूक किया जा रहा है, बल्कि उन्हें स्व-गणना के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है, ताकि हर व्यक्ति का डेटा सही और प्रमाणिक दर्ज हो सके।
प्रशासन की रणनीति साफ है इस बार जनगणना सिर्फ कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जमीनी स्तर का मिशन मोड अभियान बनेगी। गांव-गांव में डुग्गी पिटवाकर प्रचार-प्रसार कराने का आदेश दिया गया है, जिससे दूर-दराज के इलाकों तक भी सूचना पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक, डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी ग्राम पंचायत में गलत या अधूरी जानकारी सामने आती है, तो संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी पूरी और सही जानकारी दर्ज करें।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि 8 मई को हर विकास खंड स्तर पर सचिवों, ग्राम प्रधानों और पंचायत सहायकों की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें जनगणना को सफल बनाने की अंतिम रणनीति तय की जाएगी।
ग्राम पंचायत भोजपुर (विकासखंड कमालगंज) समेत कई गांवों में आज हुई बैठकों में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की नींव है। अगर आंकड़े गलत होंगे, तो योजनाओं का लाभ भी प्रभावित होगा।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर के इस सख्त रुख के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि फर्रुखाबाद में इस बार जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। अब देखने वाली बात होगी कि यह सख्ती जमीनी हकीकत में कितना असर दिखाती है और क्या वास्तव में हर ग्रामीण तक सही जागरूकता पहुंच पाती है या नहीं।
डीएम डॉ . अंकुर लाठर का फरमान, जनगणना 2027 में लापरवाही बर्दाश्त नहीं


