कासगंज। जनपद कासगंज ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्यकुशलता और पारदर्शिता का उदाहरण पेश करते हुए उत्तर प्रदेश में ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं के तहत पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश स्तर पर जारी ताजा रैंकिंग में कासगंज की निस्तारण दर 94.92 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो अन्य जिलों की तुलना में सर्वाधिक है। इस उपलब्धि का श्रेय जिलाधिकारी प्रणय सिंह के कुशल नेतृत्व, सतत निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने वाली कार्यशैली को दिया जा रहा है।
ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने, उनकी स्थिति जानने और समय पर प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा मिलती है। कासगंज प्रशासन ने इन सेवाओं को न केवल तेज किया, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू भी किया, जिससे आम जनता को राहत मिली है।
अप्रैल माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपद में कुल 17,490 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 16,602 आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण किया गया। इनमें 14,960 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 1,642 आवेदन निर्धारित मानकों के अनुरूप न होने के कारण अस्वीकृत किए गए। खास बात यह रही कि इस पूरे प्रक्रिया में एक भी आवेदन लंबित या निरस्त श्रेणी में नहीं रहा, जो प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह द्वारा नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें संबंधित विभागों को समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही, पोर्टल की मॉनिटरिंग और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। यही कारण है कि कासगंज ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
प्रशासन की इस उपलब्धि से न केवल सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली में सुधार का संकेत मिलता है, बल्कि आम जनता के बीच भी शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी इसी तरह की पारदर्शी और त्वरित सेवाएं मिलती रहेंगी।


