फतेहपुर की जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने शनिवार को बिंदकी तहसील का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यप्रणाली में कई खामियां सामने आईं, जिस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए। इस कार्रवाई से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान बड़े बकायेदारों की फाइलों के निस्तारण और रिकॉर्ड के रखरखाव में गंभीर कमी पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार सहित संबंधित सभी एडब्ल्यूबीएन (एडब्ल्यूबीएन) कर्मियों और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदारों के क्षेत्रों से जुड़े रजिस्टरों की भी गहन जांच की। कई रजिस्टर सही तरीके से अपडेट नहीं पाए गए, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नायब तहसीलदार अपने-अपने रजिस्टरों की नियमित रूप से स्वयं समीक्षा करें और रिकॉर्ड को व्यवस्थित व अद्यतन रखें।
इस दौरान उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से पिछली निरीक्षण तिथि के बारे में जानकारी ली। जब एसडीएम ने बताया कि उन्होंने 9 मार्च को तहसील का निरीक्षण किया था, तो जिलाधिकारी ने उन्हें अधिक सक्रियता दिखाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि तहसील के सभी पटलों का नियमित निरीक्षण किया जाए और पेशकारों को बेहतर कार्यप्रणाली के लिए प्रशिक्षित किया जाए।
दैवीय आपदा से संबंधित रिपोर्टों में देरी पर भी जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि आपदा से जुड़ी हर रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
तहसीलदार कोर्ट के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने विभिन्न वादों की फाइलों का भी अवलोकन किया। उन्होंने धारा-67 के लंबित पुराने मामलों का तत्काल निस्तारण करने और अन्य मामलों को भी समयबद्ध तरीके से हल करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम बिंदकी, तहसीलदार बिंदकी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


