नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय कार चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने इस गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार (arrested) किया है, जिनके पास से 31 फॉर्च्यूनर सहित कई लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों पर चोरी किए गए गाड़ियों के चेसिस नंबर बदलकर उन्हें बेचने का आरोप है।
डीसीपी क्राइम ब्रांच आदित्य गौतम ने कहा, ‘हमारी क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल को वाहन चोरों के पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करके एक बड़ी सफलता मिली है। यह गिरोह मांग पर वाहन चुराता था, उनके चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ करता था, और फिर फर्जी और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उन्हें दोबारा रजिस्टर करवाता था, जिसके बाद उन्हें पूरे देश में बेच देता था।
इस ऑपरेशन में, इंटर-स्टेट सेल की टीम, सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र ढाका, एएसआई प्रवीण और हेड कांस्टेबल मोनित ने काफी मेहनत की। उनकी मेहनत की बदौलत अब तक कुल 31 महंगी लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई हैं, जिनमें टोयोटा फॉर्च्यूनर, इनोवा, महिंद्रा थार और स्कॉर्पियो जैसे मॉडल शामिल हैं। अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बिलासपुर लाइसेंसिंग अथॉरिटी का एक कर्मचारी भी शामिल है।’
चेसिस नंबर (Chassis Number या VIN) वाहन की विशिष्ट पहचान के लिए 17-अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है। यह गाड़ी के फ्रेम पर अंकित होता है, जो निर्माण क्षेत्र, कंपनी, और वर्ष जैसी जानकारी दर्शाता है। इसे वाहन का आधार कार्ड भी कहा जाता है, जो RC, इंश्योरेंस पॉलिसी, डैशबोर्ड, या ड्राइवर साइड डोर पिलर पर पाया जा सकता है।


