फर्रुखाबाद। लिंक एक्सप्रेसवे के लिए हो रहे अधिग्रहण में भूमि बैनामा और मुआवजे को लेकर फैल रही अफवाहों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अंकुर लाठर की अध्यक्षता में यूपीडा के अंतर्गत कराए जा रहे बैनामों की समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला लिया गया।
बैठक के दौरान कुछ लेखपालों ने यह मुद्दा उठाया कि कई स्थानों पर किसान यूनियनों द्वारा निर्धारित सर्किल रेट से अधिक दर की मांग की जा रही है। साथ ही यह अफवाह भी फैलाई जा रही है कि आने वाले दिनों में दर बढ़ा दी जाएगी, जिससे किसान असमंजस की स्थिति में हैं।
इस पर डीएम ने साफ और सख्त शब्दों में स्थिति स्पष्ट कर दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्किल रेट का 4 गुना, नगरीय क्षेत्रों में सर्किल रेट का 2 गुना है और इसी तय दर पर भूमि का बैनामा कर भुगतान किया जाएगा।
डीएम ने दो टूक कहा कि किसी भी स्थिति में अनुमोदित दर से अधिक मुआवजा नहीं दिया जाएगा और न ही निकट भविष्य में इन दरों में कोई वृद्धि प्रस्तावित है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की भ्रामक सूचनाएं किसानों को भ्रमित कर रही हैं और बैनामा प्रक्रिया में अनावश्यक देरी पैदा कर रही हैं। इसलिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जमीनी स्तर पर जाकर किसानों को सही जानकारी दें और अफवाहों का तत्काल खंडन करें।
क्या अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी या फिर किसान यूं ही भ्रम में पड़े रहेंगे?
फिलहाल डीएम का यह स्पष्ट फरमान है “तय दर ही अंतिम है, इससे ऊपर कुछ नहीं”।


