अमृतपुर, फर्रुखाबाद
तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस इस बार जनसुनवाई के साथ-साथ जनस्वास्थ्य सेवा का भी सशक्त मंच बनकर उभरा। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से यहां एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसका लाभ बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों और फरियादियों ने उठाया।
शिविर का संचालन डॉ. गौरव वर्मा के नेतृत्व में किया गया, जहां पूरे दिन मरीजों की जांच और उपचार का सिलसिला जारी रहा। कुल 220 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें मौके पर ही आवश्यक परामर्श, दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए गए। शिविर में ब्लड प्रेशर, शुगर, बुखार, संक्रमण, त्वचा रोग समेत कई सामान्य बीमारियों की जांच की गई, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली।
समाधान दिवस में अक्सर लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर-दराज से पहुंचते हैं, ऐसे में स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था उनके लिए राहत का कारण बनी। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें लंबे समय से छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं थीं, लेकिन समय और संसाधनों के अभाव में इलाज नहीं करा पा रहे थे। कैंप में उन्हें एक ही स्थान पर जांच और दवा दोनों मिल गई।
कार्यक्रम का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिनेद्र कुमार ने व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर न केवल इलाज उपलब्ध कराते हैं, बल्कि लोगों को जागरूक भी करते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में भी समाधान दिवस के साथ इस प्रकार के कैंप नियमित रूप से लगाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके।
शिविर के सफल संचालन में लैब टेक्नीशियन सोनाली पाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने जांच कार्य को व्यवस्थित रूप से संभाला। वहीं सीएचओ आरती ने मरीजों के पंजीकरण, प्राथमिक उपचार और व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दिया। पूरी टीम ने समर्पण के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया कि किसी भी मरीज को बिना देखे वापस न जाना पड़े।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की खुलकर सराहना की। उनका कहना था कि समाधान दिवस के साथ स्वास्थ्य कैंप जुड़ने से उन्हें दोहरा लाभ मिला—एक ओर प्रशासनिक समस्याओं का समाधान और दूसरी ओर स्वास्थ्य जांच व उपचार भी मिला


