अमृतपुर, फर्रुखाबाद
तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस इस बार महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का मंच बन गया। जिलाधिकारी अंकुल लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने जैसे ही जनसुनवाई शुरू की, पूरे माहौल में जवाबदेही और अनुशासन की स्पष्ट झलक दिखाई देने लगी। मौके पर 114 प्रार्थना पत्र निस्तारण एक भी नहीं हो सका जिसमें राजस्व विभाग 48 पुलिस विभाग से 22
विकास विभाग 18 विद्युत विभाग 3 खाद्य एवं रसद विभाग 5 शिकायतें अन्य विभाग 18 शिकायतें आई समाधान अधिकारियों की मौजूदगी में फरियादियों की एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही कई मामलों में कड़े फैसले लिए गए।समाधान दिवस के दौरान सबसे पहले विरासत के एक गंभीर मामले ने प्रशासन का ध्यान खींचा। फरियादी अंशुल दीक्षित पत्नी स्व. प्रियांशु ने बताया कि उनके पति की मृत्यु के बाद भी विरासत दर्ज नहीं की गई, बल्कि कानूनगो और लेखपाल ने बिना किसी वास्तविक विवाद के मामला कोर्ट में डाल दिया। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए राजस्व अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिया कि मामले की तुरंत निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, अन्यथा कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।इसके बाद पिथनापुर निवासी कुंती पत्नी भूरेलाल की शिकायत ने लापरवाही की परतें खोल दीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से लगातार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद भी कानूनगो और लेखपाल ने मौके पर पैमाइश नहीं की। इस पर जिलाधिकारी का धैर्य टूट गया और उन्होंने संबंधित लेखपाल उत्कर्ष दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दे दिए। यह कार्रवाई वहां मौजूद अन्य अधिकारियों के लिए भी कड़ा संदेश बन गई। इसी क्रम में फखरपुर निवासी रागिनी पत्नी योगेश दत्त, जो सामुदायिक शौचालय पर कार्यरत हैं, ने जुलाई 2021 से वेतन न मिलने की पीड़ा सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने बिना देरी किए ग्राम विकास अधिकारी मानवेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि शासन की योजनाओं में लापरवाही और कर्मचारियों के हक़ में देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी।समाधान दिवस में अन्य महत्वपूर्ण शिकायतें भी सामने आईं। योगेंद्र प्रकाश (अमृतपुर) ने चकमार्ग खुलवाने की मांग की,रामजीत पुत्र छविनाथ ने तालाब पर दबंगों के अवैध कब्जे को हटवाने की गुहार लगाई,राकेश पुत्र शेर सिंह (जोगराजपुर) ने तालाब के पुनर्निर्माण की मांग रखी,
जबकि राजीव पुत्र प्रेमसागर (नगरिया जवाहर) ने सार्वजनिक मार्ग के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मौके पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपजिलाधिकारी संजय सिंह समेत कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और उन्हें जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
आंकड़ों पर नजर डालें तो समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे समाधान दिवस में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई और जिलाधिकारी के सख्त तेवरों ने साफ संकेत दे दिया कि अब लापरवाही करने वाले अधिकारियों की खैर नहीं। जनता की समस्याओं के त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


