देर रात तक गूंजते रहे जयघोष
फर्रुखाबाद। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुक्रवार देर शाम जनपद फर्रुखाबाद शहर में भगवान गौतम बुद्ध की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए। पूरे शहर में श्रद्धा, आस्था और उल्लास का माहौल देखने को मिला। शोभायात्रा का शुभारंभ पंचशील ध्वज लहराकर किया गया, जिसके साथ ही “जय भीम” और “बुद्धं शरणं गच्छामि” के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा।
इस शोभायात्रा की शुरुआत शहर के बीवीगंज चौकी के पास से हुई, जहां से यह तिकोना पुलिस चौकी, चौक बाजार, रेलवे रोड और रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद होते हुए ठंडी सड़क स्थित श्यामा देवी शाक्य सभागार पर जाकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों द्वारा पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह जलपान एवं शीतल पेय की भी व्यवस्था की गई थी।
शोभायात्रा में भगवान बुद्ध की आकर्षक झांकी के साथ-साथ भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य महापुरुषों की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों के माध्यम से समाज को शांति, अहिंसा, समानता और बंधुत्व का संदेश दिया गया। युवा और महिलाएं पंचशील ध्वज लहराते हुए अनुशासित ढंग से चल रहे थे और बौद्ध धर्म के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार कर रहे थे।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकी।
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी से लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. नवल किशोर शाक्य, सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने भगवान बुद्ध के विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताते हुए समाज में शांति, समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस भव्य शोभायात्रा ने शहरवासियों को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया और सामाजिक एकता का मजबूत संदेश दिया।


