फर्रुखाबाद। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। तहसील सदर में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) विमल कुमार श्रीवास्तव को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है। उनके साथ उनके निजी सहयोगी ऋषभ उर्फ पवन सक्सेना को भी गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
मामले की शुरुआत नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव वीरपुर नादी निवासी किसान सर्वेश शाक्य की शिकायत से हुई। किसान ने अपने खेत की पैमाइश कराने के लिए कानूनगो से संपर्क किया था, लेकिन आरोप है कि इसके एवज में कानूनगो ने अपने निजी सहयोगी ऋषभ सक्सेना के माध्यम से 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच की और कार्रवाई की योजना बनाई।
गुरुवार को एंटी करप्शन टीम ने शहर के मोहल्ला बजरिया स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारकर कानूनगो विमल कुमार श्रीवास्तव और उनके सहयोगी ऋषभ सक्सेना को किसान से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन राय ने देर रात दोनों आरोपियों को फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। फतेहगढ़ कोतवाल रणविजय सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ जीरो अपराध संख्या पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की विवेचना एंटी करप्शन थाना कानपुर द्वारा की जाएगी।
शुक्रवार सुबह फतेहगढ़ कोतवाली के उपनिरीक्षक वीर सिंह पुलिस टीम के साथ दोनों आरोपियों को कानपुर ले गए, जहां एंटी करप्शन न्यायालय में पेशी के बाद न्यायालय ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। इसी दिन देर शाम प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कानूनगो विमल कुमार श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
बताया गया कि विमल श्रीवास्तव वर्ष 2023 में फतेहपुर जनपद से स्थानांतरित होकर फर्रुखाबाद आए थे और वर्तमान में शहर के मोहल्ला बजरिया में पीएन सक्सेना के मकान में किराए पर रह रहे थे, जबकि उनका परिवार फतेहपुर के उत्तरी शांतिनगर मोहल्ले में निवास करता है।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, आम जनता में इस कार्रवाई को लेकर संतोष देखा जा रहा है और लोगों ने उम्मीद जताई है कि ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


