32 C
Lucknow
Friday, May 1, 2026

निजी स्कूलों की मनमानी से मचा हाहाकार

Must read

महंगी किताबों का कारोबार

अभिभावकों पर हजारों का बोझ

फर्रुखाबाद। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही जनपद में निजी स्कूलों की मनमानी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को महंगी किताबों की लंबी-चौड़ी सूची थमाई जा रही है, जिसमें अधिकतर किताबें निजी प्रकाशकों की हैं और उनकी कीमतें आसमान छू रही हैं। इस कारण अभिभावकों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है और मध्यम वर्गीय परिवार आर्थिक दबाव में आ गए हैं।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन जानबूझकर निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर रहा है, जिससे एक तरह से कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। उनका कहना है कि एक बच्चे की किताबों पर ही 3 से 8 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है, जबकि एनसीईआरटी की किताबें लागू की जाएं तो यही खर्च काफी कम हो सकता है।
कई अभिभावकों ने यह भी बताया कि स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाती है और मनमाने दाम वसूले जाते हैं। विरोध करने पर बच्चों के साथ भेदभाव की आशंका भी बनी रहती है, जिसके चलते अधिकांश अभिभावक खुलकर सामने नहीं आ पाते।
शिक्षा के नाम पर बढ़ती इस लूट से परेशान अभिभावकों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के बावजूद स्कूलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे उनकी मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article