लखनऊ।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए गुरूवार कहा कि भाजपा झूठ और भ्रम फैलाने वाली पार्टी है, जिसका असली चाल-चरित्र अब जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा अनावश्यक और भ्रामक प्रचार कर रही है, जबकि यह कानून पहले ही लागू हो चुका है।
हरदोई के एक दिवसीय दौरे से लौटते समय मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उनका आरोप था कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने हरदोई, गाजीपुर और प्रतापगढ़ की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, लेकिन सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग आंखें मूंदे हुए हैं, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।भाजपा नेताओं के आचरण पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का चरित्र महिला विरोधी रहा है और महोबा सहित कई जगहों पर इसके उदाहरण सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब देगी।विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के दावों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने अयोध्या से “चार सौ पार” का नारा दिया था, लेकिन वहीं हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे भाजपा की विभाजनकारी और नकारात्मक राजनीति की हार बताया। साथ ही दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को अन्य राज्यों में भी हार का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे अक्सर तथ्यों से परे बयान देते हैं और मुद्दों को भ्रमित करते हैं। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों के इशारे पर काम कर रही है और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।रामपुर उपचुनाव और पश्चिम बंगाल की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।अंत में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अधिकांश जनता भाजपा को हटाना चाहती है।


