फतेहपुर में साइबर क्राइम सेल ने सक्रियता दिखाते हुए साइबर ठगी के शिकार लोगों की कुल 2 लाख 13 हजार 121 रुपये की राशि वापस कराई है। यह कार्रवाई विभिन्न मामलों में शिकायत मिलने के बाद त्वरित जांच और बैंक समन्वय के जरिए की गई।
साइबर क्राइम सेल प्रभारी के अनुसार, एक मामले में महेंद्र कुमार मौर्या के क्रेडिट कार्ड से ओटीपी के जरिए 1,20,000 रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। इसी तरह रामकुमार को सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 97,721 रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया।
अन्य मामलों में भी साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाया। रानी देवी को ऑनलाइन नौकरी का झांसा देकर 54,000 रुपये ठगे गए, जबकि विकासिनी देवी से सिलाई मशीन ऑर्डर के नाम पर 16,950 रुपये की ठगी हुई। वहीं अशोक अवस्थी को बैंक अधिकारी बनकर 18,900 रुपये की चपत लगाई गई।
पुलिस और साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई के चलते इन सभी मामलों में ठगी गई रकम को वापस दिलाने में सफलता मिली, जिससे पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार जागरूकता और त्वरित शिकायत के कारण कई मामलों में पैसे वापस कराए जा रहे हैं।
इसी के साथ फतेहपुर पुलिस ने आम जनता से साइबर अपराधों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि अनजान लिंक, कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें और किसी भी परिस्थिति में ओटीपी साझा न करें।
इसके अलावा, पुलिस ने सलाह दी है कि लोग अपने खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय रखें, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और केवल विश्वसनीय वेबसाइट या ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। सार्वजनिक वाई-फाई, नकली क्यूआर कोड और रिमोट एक्सेस ऐप्स से भी सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।
साइबर ठगी की किसी भी घटना पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की अपील की गई है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और नुकसान को रोका जा सके।


