बरेली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने भाजपा सरकार पर महिलाओं को गुमराह करने और आधी आबादी को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार झूठे विधेयकों के जरिए महिलाओं को भ्रमित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को सामाजिक न्याय के मुद्दे पर लड़ेगी।
श्यामलाल पाल ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि सपा इसका समर्थन करती है, लेकिन इसमें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्ग की महिलाओं के लिए भी अलग से आरक्षण होना चाहिए। उन्होंने गाजीपुर और हरदोई में महिलाओं के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर कानून-व्यवस्था में विफल रहने का आरोप लगाया। साथ ही यह भी कहा कि इन मामलों में सपा प्रतिनिधिमंडल पर ही कार्रवाई की गई, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
उन्होंने भाजपा और भारत निर्वाचन आयोग पर पंचायत चुनाव न कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा उन्होंने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, विश्वविद्यालयों की बढ़ी फीस, बंद होते प्राथमिक विद्यालयों और किसानों की समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया।
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि जिस तरह ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में बदलाव हुआ, उसी तरह उत्तर प्रदेश की आधी आबादी भी आने वाले चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी।


