कौशांबी
लव जिहाद और कथित अवैध धर्मांतरण के मामलों को लेकर सख्त कानून बनाए जाने की मांग उठी है। इस संबंध में गुरुवार को हिंदू जागरण मंच के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और इसे मुख्यमंत्री को भेजने का अनुरोध किया।
हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक यशवंत यदुवंश ने ज्ञापन में कहा कि प्रलोभन, छल या दबाव के जरिए होने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए प्रत्येक जिले में विशेष पुलिस थानों की स्थापना की जानी चाहिए। उन्होंने ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) गठित करने की भी मांग की।
ज्ञापन में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि इन मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं, ताकि छह माह के भीतर ऐसे प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। मंच ने जोर देकर कहा कि इससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा और अपराधों पर अंकुश लगेगा।
इसके अलावा, ज्ञापन में उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई जो कथित रूप से ऐसे मामलों में आर्थिक सहायता देते हैं, फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं या किसी प्रकार की साजिश में शामिल होते हैं। विवाह या संबंध के लिए फर्जी पहचान का उपयोग करने को विशेष अपराध की श्रेणी में शामिल करने का भी सुझाव दिया गया।
संगठन ने अंतरधार्मिक विवाहों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य सूचना प्रणाली लागू करने और स्वेच्छा की पुष्टि हेतु दो स्वतंत्र साक्षियों की उपस्थिति अनिवार्य करने की बात कही। साथ ही महिला सुरक्षा के मद्देनजर जिम, सैलून और मसाज सेंटरों में कर्मचारियों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने और महिला प्रशिक्षकों की अनिवार्य नियुक्ति का सुझाव भी दिया गया।
मंच ने यह भी कहा कि केवल विवाह के उद्देश्य से किए जाने वाले धर्मांतरण पर नियंत्रण जरूरी है और विवाह के बाद महिलाओं को अपने मूल धर्म के पालन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस अवसर पर अंकित दिवाकर, सर्वेश पटेल, बीरेंद्र दिवाकर, प्रकाश दुबे, हिमांशु यादव, कृष्ण दत्त ओझा, मिथलेश कुमार, छोटू ठाकुर, रवि राजपूत, हर्ष मोदनवाल, राजा यादव, शिव लाल राजपूत और सुरेंद्र सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। ज्ञापन में दावा किया गया है कि इन प्रस्तावों से कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।


