हमीरपुर
जरिया थाना क्षेत्र के धंगवा गांव में शुक्रवार को जमीन विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसके बाद चाचा की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस इसे प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक से हुई मौत मान रही है।
जानकारी के अनुसार, 52 वर्षीय जवाहर लाल शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे भैंस चराने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान पंचायत घर के पास उनका अपने भतीजे यशपाल से जमीन को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।
परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान जवाहर लाल की हालत अचानक बिगड़ गई और वह मौके पर ही गिर पड़े। कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विवाद के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उनकी स्थिति नाजुक हो गई।
घटना के बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरीला ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार मृतक के माथे पर चोट के निशान पाए गए और दोनों कुहनियां छिली हुई थीं। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मृतक के पुत्र रंजीत ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद को लेकर उनके चचेरे भाई ने उनके पिता के साथ मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि वह झांसी से गांव लौट आए हैं और पुलिस से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।
वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला हार्ट अटैक से मौत का प्रतीत हो रहा है। जरिया थाना प्रभारी दिनेश पांडेय के अनुसार अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतक खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे और उनके पास लगभग छह बीघा जमीन थी। उनके परिवार में पत्नी संध्या, बेटा रंजीत और 18 वर्षीय बेटी उपासना हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और पत्नी की तबीयत भी बिगड़ गई है।


