– पोस्टमार्टम ने खोली क्रूरता की परतें
कानपुर। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले गुरुकुल में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल से जुड़े 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्चे की पीट-पीटकर हत्या की गई, जिसके बाद पुलिस ने गुरुकुल संचालक सौरभ मिश्रा समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच के मुताबिक घटना के बाद शुरुआत में मामले को सामान्य मौत की तरह दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच्चाई उजागर कर दी। रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी।
मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आज दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है ताकि पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जा सके।
यह मामला इसलिए भी गंभीर हो जाता है क्योंकि संबंधित गुरुकुल का नेटवर्क लखनऊ तक फैला बताया जा रहा है। ऐसे में जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि कहीं इस तरह की घटनाएं पहले भी तो नहीं हुईं और संस्थान में बच्चों के साथ व्यवहार कैसा था।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि शिक्षा संस्थानों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। आखिर कैसे एक 11 साल का बच्चा गुरुकुल जैसे स्थान पर इतना असुरक्षित हो गया कि उसकी जान चली गई?प्रदेश में पहले भी आवासीय स्कूलों और संस्थानों में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई के बावजूद ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है,
क्या इस मामले में केवल आरोपी ही सजा पाएंगे या फिर पूरे सिस्टम की जिम्मेदारी तय होगी?
क्या गुरुकुल और अन्य संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस निगरानी तंत्र बनेगा?
फिलहाल, दिव्यांश की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि “शिक्षा के मंदिर” भी अब जांच के घेरे से बाहर नहीं हैं।
गुरुकुल में 11 वर्षीय दिव्यांश की पीट-पीटकर हत्या: संचालक सौरभ मिश्रा समेत 2 गिरफ्तार


