लखनऊ
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में सम्राट चौधरी के एक विवादित बयान ने नया राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि “लालू प्रसाद यादव की बेटी, राहुल गांधी की बहन और अखिलेश यादव की पत्नी ही सदन क्यों जाएं?” उनके इस बयान को लेकर विपक्षी खेमे में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
सम्राट चौधरी के इस बयान के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जोरदार पलटवार किया। अपने ट्वीट में उन्होंने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि “जघन्य अपराध करने वाले, अपराध से बचने के लिए उम्र बदलने वाले, विचारहीन-सिद्धांतहीन होकर दल बदलने वाले, छल से सत्ता हासिल करने वाले और भ्रष्टाचार के शिरोमणि कहलाने वाले लोग बिहार के मुख्यमंत्री क्यों बनें?” इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक तल्ख हो गया है।
इस पूरे विवाद में लालू प्रसाद यादव और राहुल गांधी का नाम आने से मामला और भी संवेदनशील बन गया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सत्ताधारी पक्ष महिला आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे को भी राजनीतिक हमले का माध्यम बना रहा है, जबकि सरकार इस विषय पर ठोस पहल करने में विफल रही है।
वहीं, सत्ताधारी दल के नेताओं का कहना है कि विपक्ष परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देता है और महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर केवल अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाता है। इसी तर्क के आधार पर सम्राट चौधरी ने यह बयान दिया था, जिसे लेकर अब व्यापक राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
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