अधिकारियों को दी नसीहत—भाजपा के लोग चले जाएंगे, आपको यहीं रहना है
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्रीय एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनावी माहौल में अपनी यात्रा में बाधा डालने का दावा किया। कोलकाता के बेलेघाटा में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी फ्लाइट को रनवे पर करीब आधे घंटे तक रोककर रखा गया, जिससे उनके कार्यक्रम प्रभावित हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने से उन्हें रेलवे और विमानन विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जानबूझकर उनकी आवाजाही में अड़चनें पैदा की जा रही हैं। ममता बनर्जी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्रियों को यात्रा के दौरान प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हो रहा है।
अपने आरोपों को मजबूत करने के लिए उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का उदाहरण भी दिया। ममता ने दावा किया कि झाड़ग्राम में हेमंत सोरेन के हेलीकॉप्टर को भी करीब 40 मिनट तक रोका गया था। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करार देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े करती हैं।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में विमानन विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को भूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल आते-जाते रहते हैं, लेकिन अधिकारियों को जनता और राज्य के साथ ही रहना होता है, इसलिए उन्हें निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने सोमवार को बीरभूम के मुरारई, उत्तर 24 परगना के खरदह और कोलकाता के बेलियाघाटा में चुनावी रैलियां कीं। हालांकि, उनके इन आरोपों पर विमानन अधिकारियों की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


