एटा
जनपद के थाना क्षेत्र राजा का रामपुर में एक बार फिर बाल विवाह जैसी कुप्रथा सामने आई, जहां महज 15 वर्ष की किशोरी की शादी कराई जा रही थी। लेकिन समय रहते पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की सतर्कता ने एक मासूम की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली। जैसे ही प्रशासन को इस अवैध विवाह की सूचना मिली, तुरंत एक संयुक्त टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर विवाह की पूरी प्रक्रिया को रुकवा दिया।
बताया जा रहा है कि कस्बे के एक मोहल्ले में नाबालिग किशोरी की शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और बारात भी दरवाजे तक पहुंच चुकी थी। इसी बीच चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर और एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ छापेमारी की। टीम की त्वरित कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और शादी को तुरंत रोक दिया गया।
संयुक्त टीम ने न केवल किशोरी बल्कि नाबालिग दूल्हे का भी रेस्क्यू किया और दोनों को चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया। किशोरी को सुरक्षा के लिहाज से वन स्टॉप सेंटर में अस्थायी आश्रय दिया गया है, जहां उसकी देखरेख और काउंसलिंग की जा रही है। वहीं परिजनों को भी बाल विवाह के गंभीर कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में सख्ती से जागरूक किया गया।
कार्रवाई के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी ज्योति शर्मा, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी जागृति चतुर्वेदी, अंबरीश कुमार राय, सपना तोमर, नमन कुमार और केस वर्कर सूर्य प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि बाल विवाह जैसी गैरकानूनी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह घटना जहां एक ओर समाज में अब भी जड़ जमाए बैठी कुप्रथाओं की हकीकत उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की सतर्कता और जिम्मेदारी का भी उदाहरण पेश करती है, जिसने एक नन्हीं जिंदगी को समय रहते अंधेरे में जाने से बचा लिया।


