–अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम जयंती पर आयोजन, एकजुटता का आह्वान
शाहजहांपुर। अक्षय तृतीया के अवसर पर भगवान परशुराम जयंती पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई और सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आस्था और उत्साह के साथ-साथ वक्ताओं ने समाज की वर्तमान स्थिति पर चिंता भी जताई और एकजुट रहने का आह्वान किया। बिसरात घाट स्थित परशुराम मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। कड़ी धूप के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मशीनरी मार्केट में समाजसेवी संजय गुप्ता द्वारा स्टॉल लगाकर शीतल पेय की व्यवस्था की गई तथा विप्रजनों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शोभायात्रा जब रामलीला मैदान पहुंची तो सभा में परिवर्तित हो गई। यहां वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज की भूमिका और उसकी अहमियत पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में घटते वर्चस्व पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज को अपने अहम का त्याग कर एकजुट रहना होगा और शिखा, जनेऊ व संस्कारों को अपनाकर पुनः सम्मानजनक स्थान प्राप्त करना होगा। वक्ताओं ने संगठन की मजबूती पर भी चर्चा की। स्व. राजाराम मिश्र द्वारा रखी गई नींव को मजबूत बताते हुए इसे और व्यापक बनाने पर जोर दिया गया। डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र ने शिक्षा और राजनीति में समाज की स्थिति पर चिंता जताई, जबकि एडवोकेट रवि मिश्रा ने सामाजिक भूमिका पर विचार रखे। पूर्व एमएलसी संजय मिश्रा ने अपेक्षा के अनुरूप भीड़ न जुट पाने पर खेद जताया और अगली बार इसे और बेहतर करने की बात कही। समाजसेवी हरिशरण वाजपेई ने भीषण गर्मी में भी लोगों की भागीदारी की सराहना की। ब्लाक प्रमुख श्रीदत्त शुक्ला ने इसे गौरव का विषय बताया, वहीं अवधेश दीक्षित ने कार्यक्रम की तैयारी में किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। अध्यक्ष डॉ. विजय पाठक ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्य वक्ता अयोध्या धाम से आए पंडित निर्मल शास्त्री ने गोत्रों के भेद से ऊपर उठकर एकजुट रहने की अपील की। कार्यक्रम के संचालन के दौरान शिक्षक भारत अनुराग ने मंच पर महिलाओं की भागीदारी न होने का मुद्दा उठाते हुए भविष्य में इसे सुनिश्चित करने की बात कही। अंत में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में विधायक अरविंद सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।


