– शेरा वाली माता समूह बनाकर महिलाओं को दिया रोजगार का नया साधन
– क्रोशिया के शानदार उत्पाद बनाकर हर महीने 10 हजार रुपये तक कमा रहीं महिलाएं
– महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के लिए बड़े बाजार और मंच उपलब्ध करा रही योगी सरकार
आगरा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ और ‘उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ का असर अब धरातल पर साफ दिखाई देने लगा है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण ताजगंज इलाके की प्रिया कुशवाह ने पेश किया है, जिन्होंने अपनी इच्छाशक्ति और हुनर के दम पर न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि 30 से अधिक अन्य महिलाओं के जीवन में भी रोशनी भर दी है। ‘शेरा वाली माता स्वयं सहायता समूह’ के माध्यम से ये महिलाएं आज न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हैं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं।
हुनर से बदली तस्वीर
प्रिया कुशवाह ने जब अपने आसपास की महिलाओं को घर के काम में उलझे देखा, तो उन्होंने एक नई शुरुआत करने की ठानी। उन्होंने महसूस किया कि अगर महिलाओं के हाथ में हुनर हो, तो वे घर संभालते हुए भी आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने शेरा वाली माता स्वयं सहायता समूह की नींव रखी और महिलाओं को क्रोशिया से उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण देना शुरू किया।
प्रिया कुशवाह ने बताया कि शुरुआत में कई महिलाओं को क्रोशिया पकड़ना भी नहीं आता था, लेकिन लगन और ट्रेनिंग के बाद वे छोटे- मोटे आइटम बनाने लगीं। आज समूह की महिलाएं क्रोशिया से खूबसूरत फ्लावर स्टिक, भगवान की पोशाक, खिलौने, की-चैन, ऊनी स्वेटर, बंधनवार, थालपोश, मेजपोश और स्टाइलिश हैंड पर्स बना रही हैं।
‘वोकल फॉर लोकल’ की गूंज
कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली ये महिलाएं आज अपने परिवार का आर्थिक सहारा बन गई हैं। प्रिया कुशवाह के समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों की फिनिशिंग इतनी बेहतरीन है कि इनकी मांग न सिर्फ आगरा के बाजारों में है, बल्कि आगरा से बाहर कई अन्य शहरों में भी इनके उत्पाद सप्लाई हो रहे हैं। आज प्रिया कुशवाह अपने हुनर और नेतृत्व के दम पर हर महीने 20 से 25 हजार रुपये कमा रही हैं। वहीं समूह से जुड़ी अन्य महिलाएं भी घर बैठे 8 से 10 हजार रुपये की सम्मानजनक कमाई कर रही हैं, जो उनके आत्मविश्वास को बढ़ा रही है।
वर्जन-
‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य
योगी सरकार का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाना है। प्रिया कुशवाह और शेरा वाली माता समूह की महिलाएं पीएम मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रही हैं। शासन स्तर पर हम ऐसे स्वयं सहायता समूहों को न केवल वित्तीय सहायता और ट्रेनिंग दे रहे हैं, बल्कि उनके उत्पादों को बड़े बाजार, मेलों और सरस प्रदर्शनी के माध्यम से वैश्विक मंच भी उपलब्ध करा रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि हर हाथ को काम मिले और महिलाएं अपनी पहचान खुद बनाएं।
– राजन राय, उपायुक्त (स्वत: रोजगार)


