कायमगंज, फर्रुखाबाद। विश्व बंधु परिषद द्वारा भगवान परशुराम जयंती पर आयोजित परिचर्चा में वक्ताओं ने उन्हें तेजस्वी संत योद्धा बताया। साहित्यकार प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ‘रत्नेश’ ने कहा कि भगवान परशुराम भारत के भाग्य पुरुष हैं। उनकी त्वरित निर्णय एवं सटीक प्रहार की गैर समझौता वादी रणनीति से ही भारत विश्व शक्ति बन सकता है। वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ विकास शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम का संपूर्ण जीवन सिद्धांत और व्यवहार, शस्त्र और शास्त्र, ज्ञान और कर्म की गौरव गाथा है।
पूर्व प्रधानाचार्य अहिवरन सिंह गौर ने कहा कि भगवान परशुराम अकेले ही पूरी दुनिया पर भारी पड़े। विश्व इतिहास में ऐसा उदाहरण कहीं नहीं है। प्रधानाचार्य योगेश तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम ने हमें स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया । प्रधानाचार्य अमरनाथ शुक्ला ने कहा कि कर्मयोगी संत ने हमें सिखाया कि आत्म शक्ति से बड़ी कोई ताकत नहीं होती शक्ति के बिना ज्ञान अर्थहीन है।
शिक्षक वीएस तिवारी ने कहा कि राष्ट्र धर्म संस्कृति की रक्षा और आत्मरक्षा के लिए की गई हिंसा न्याय संगत है। कार्यक्रम संयोजक आचार्य शिवकांत शुक्ला ने कहा कि भगवान परशुराम किसी जाति या वर्ग विशेष के नहीं बल्कि समस्त मानवता के लिए आदर्श पुरुष हैं। छात्र कवि यशवर्धन ने कहा — दुष्टो, बैठो चैन से नहीं बचेगी जान
अगर आ गए फिर कहीं परशुराम भगवान
युवा कवि अनुपम मिश्रा ने कहा- सभी समस्याओं का हल है कांटों से आक्रांत चमन का
या तो परशुराम का फरसा या फिर चक्र मदन मोहन का।


