41 C
Lucknow
Friday, April 24, 2026

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव

Must read

 

फायरिंग के बीच भारतीय टैंकर ने भेजा संकट संदेश

नई दिल्ली

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है, जहां ईरानी गनबोट्स द्वारा भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों पर गोलीबारी किए जाने की गंभीर घटना सामने आई है। इस घटनाक्रम ने न केवल समुद्री सुरक्षा बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की स्थिरता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, ईरानी नौसेना की गनबोट्स ने भारतीय टैंकरों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की, जिसके चलते दोनों जहाजों को तत्काल पीछे हटना पड़ा। इस दौरान एक टैंकर ‘सनमार हेराल्ड’ से लगभग 30 सेकेंड का एक ऑडियो संदेश सामने आया है, जिसमें जहाज का चालक दल ईरानी नौसेना से गुहार लगाता सुनाई दे रहा है। ऑडियो में चालक दल यह कहते हुए सुना गया कि उन्हें पहले आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अचानक हो रही फायरिंग से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है और उन्हें सुरक्षित लौटने दिया जाए।
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है और जहाजों को भी ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन इस प्रकार की सैन्य गतिविधि ने समुद्री मार्गों पर खतरे की घंटी जरूर बजा दी है। उल्लेखनीय है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन होता है, ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के समय संबंधित जहाज जलडमरूमध्य के तथाकथित “ग्रीन एरिया” में था, जहां सामान्यतः सुरक्षित आवाजाही मानी जाती है। बताया गया कि टैंकर ने यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम बंद कर दिया था, जिसे बाद में फिर से चालू किया गया। इस पूरे घटनाक्रम में एक अन्य जहाज ‘जग अर्णव’ भी प्रभावित हुआ।
घटना के बाद भारत सरकार ने त्वरित कूटनीतिक कदम उठाते हुए नई दिल्ली स्थित ईरानी राजदूत को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि भारतीय व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश सचिव ने ईरान से आग्रह किया कि वह इस संवेदनशील जलमार्ग से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द बहाल करे।
विदेश मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने में सहयोग किया है, ऐसे में मौजूदा स्थिति में भी इसी तरह की सकारात्मक पहल की अपेक्षा की जा रही है। ईरानी राजदूत ने भारत की चिंताओं को अपने देश की सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और भारत सरकार अपने नागरिकों एवं समुद्री हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article