गुरुग्राम में थाने के सामने पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने वाले फतेहपुर निवासी अंकित यादव का शव शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव सीतापुर (थरियांव थाना क्षेत्र) पहुंचा। जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम छा गया और परिवार के लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
परिवार का कहना है कि अंकित घर में सबसे छोटा था और पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घर में अब उनकी मां उमा देवी और बहनें नेहा, दीपा और दीपिका हैं। बहन दीपिका यादव ने आरोप लगाया कि अंकित की प्रेमिका काजल ने उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया था और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। प्रेमिका काजल लोधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पहचान इंस्टाग्राम के जरिए अंकित से हुई थी। काजल के अनुसार, अंकित ने उसे नौकरी का झांसा देकर गुरुग्राम बुलाया और बाद में दोनों साथ रहने लगे, जिससे उसके परिवार ने भी उससे दूरी बना ली।
काजल ने आरोप लगाया कि अंकित अक्सर उसके साथ झगड़ा और मारपीट करता था और कई बार झूठे आरोप लगाकर उसे परेशान करता था। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने शादी की बात की तो अंकित टालमटोल करता रहा। काजल ने बताया कि 15 अप्रैल को उन्होंने सेक्टर-40 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और उसी दिन थाने में अंकित के सामने आने के बाद घटना हुई।
इस पूरे मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिससे मामला और जटिल हो गया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अधिकारी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।


