हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि बर्खास्त कांस्टेबल (Dismissed constable) ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी मौत का नाटक रचकर एक जघन्य साजिश रची। आरोपी की पहचान रामवीर सिंह के रूप में हुई है, जो मैनपुरी का रहने वाला है। उसे 2013 में उत्तर प्रदेश पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था और कथित तौर पर हत्या सहित कई आपराधिक मामलों में वांछित था।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 12 मार्च को हाथरस रेलवे स्टेशन पर हुई। सुनसान प्लेटफार्म का फायदा उठाते हुए, सिंह ने कथित तौर पर सो रहे एक बेघर व्यक्ति जो भिखारी था उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए, उसने घटनास्थल पर अपना आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज छोड़ दिए, जिससे अधिकारियों को शुरू में लगा कि जला हुआ शव उसी का है।
हालांकि, जांच के दौरान मामले में तब मोड़ आया जब कुछ विसंगतियां सामने आईं। प्लेटफार्म पर अक्सर आने वाला एक भिखारी लापता हो गया था, जिससे संदेह पैदा हुआ। इसी बीच, पुलिस को एक जिला अस्पताल में भर्ती एक बुरी तरह झुलसा हुआ व्यक्ति मिला, जिसने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की थी।
आगे की पूछताछ में पता चला कि मृतक बेघर पीड़ित था, सिंह नहीं। जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि घटना के दौरान सिंह खुद भी झुलस गया था। दो दिन तक स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद उसे सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने बताया कि सिंह ने फर्जी पहचान के सुरागों का इस्तेमाल करके खुद को मृत घोषित करवाने और कानूनी कार्रवाई से बचने की सुनियोजित योजना बनाई थी। शुरुआती तकनीकी और दस्तावेजी त्रुटियों के कारण मामले में भ्रम की स्थिति बनी रही, लेकिन अंततः सच्चाई सामने आ गई। आरोपी अब पुलिस हिरासत में है और अधिकारी घटना की विस्तृत जांच जारी रखते हुए आगे की कानूनी कार्यवाही कर रहे हैं।


