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Sunday, September 27, 2026

यूपी में 60 घंटे की बारिश बनी आफत, 56 लोगों की मौत

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– 1,021 मकान क्षतिग्रस्त, 107 पशुहानि और 46 लोग घायल
– सीएम के निर्देश पर राहत-मुआवजा तेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 60 घंटे से जारी भारी बारिश और आंधी-तूफान ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बारिश जनित हादसों में अब तक 56 लोगों की मौत, 46 लोग घायल और 107 पशुओं की मौत की सूचना है। प्रदेशभर में 1,021 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश और आंधी-तूफान से हुई जनहानि में सीतापुर में 7, जबकि लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में 5-5 लोगों की मौत हुई है। अयोध्या और गोरखपुर में 4-4 जनहानि दर्ज की गई है।
घायलों में हरदोई में 7, जबकि मैनपुरी, श्रावस्ती और बाराबंकी में 5-5 लोगों के घायल होने की सूचना है। सीतापुर और लखीमपुर खीरी में 3-3 लोग घायल हुए हैं।
पशुहानि के मामलों में हरदोई में 28, सीतापुर में 16, कन्नौज में 14, बहराइच और कानपुर देहात में 7-7 तथा उन्नाव में 6 पशुओं की मौत हुई है।
मकान क्षति के मामले में हरदोई में 272 और सीतापुर में 108 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 25 से 27 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 7.6 मिमी है। इस अवधि में प्रदेश में बारिश सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक रही। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में नियमानुसार अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज की गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाए जा रहे हैं।
फसल नुकसान का भी सर्वे: बारिश से प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे शुरू कराया गया है। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

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