हमीरपुर
जिले के कुरारा थाना क्षेत्र में करीब 14 महीने पहले जंगल में मिली मानव अस्थियों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद यह पुष्टि हुई है कि बरामद अस्थियां सदर कोतवाली क्षेत्र के युवक जीतेंद्र की ही थीं। इस पुष्टि के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कनौटा शीतलपुर गांव निवासी बाबूलाल अहिरवार का 22 वर्षीय पुत्र जीतेंद्र 31 दिसंबर 2024 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 13 जनवरी 2025 को पिता ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। उन्होंने बताया था कि जीतेंद्र को आखिरी बार गांव के काली माता मंदिर के पास देखा गया था।
गुमशुदगी दर्ज होने के लगभग दस दिन बाद 23/24 जनवरी की रात कुरारा थाना क्षेत्र के कुसमरा गांव के जंगल में मानव अस्थियां बरामद हुई थीं। धनीराम के खेत से मिली इन अस्थियों में पैरों की हड्डियां और कुछ अन्य अवशेष शामिल थे। मौके से खून से सना एक डंडा भी बरामद हुआ था, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला। मोबाइल फोन की जांच में पता चला कि जीतेंद्र के मोबाइल पर आखिरी कॉल गांव की एक युवती की आई थी। इसके बाद पुलिस ने अस्थियों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया। मृतक के माता-पिता के भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे।
अब डीएनए रिपोर्ट से पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले को हत्या के रूप में दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और परिजनों को अब न्याय की उम्मीद जगी है।


