अपराधियों के खिलाफ साहसिक कार्रवाई के लिए यूपी के जांबाजों को मिला राष्ट्रीय सम्मान
लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके अदम्य साहस के लिए राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित किया गया। प्रदेश के 12 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को वीरता के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक मिला है। इनमें तत्कालीन आगरा एसएसपी और मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराज जी, आईपीएस सत्यजीत गुप्ता, एएसपी ब्रजेश कुमार सिंह समेत पुलिस के कई जांबाज शामिल हैं। गृह मंत्रालय ने 14 अगस्त को इन पदकों की घोषणा की थी।
सम्मानित होने वाले 12 पुलिसकर्मियों में अक्षय परवीर त्यागी, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार (मरणोपरांत), दीपक कुमार, ब्रजेश कुमार सिंह, संजय सिंह, दीपक कुमार, मुनिराज जी, सत्यजीत गुप्ता, नरेंद्र कुमार, आदेश त्रिपाठी और प्रशांत कुमार शामिल हैं।
इनमें कई पुलिसकर्मियों को अपराधियों के खिलाफ मुठभेड़ और साहसिक अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए सम्मान मिला है। एसटीएफ के सात कर्मी भी वीरता पदक पाने वालों में शामिल हैं। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, सम्मानित पुलिसकर्मियों की टीमों ने आसिफ उर्फ टिड्डा, अनिल दुजाना और कपिल जैसे कुख्यात अपराधियों के खिलाफ अभियानों में बहादुरी दिखाई थी।
मुनिराज जी समेत आगरा टीम को भी सम्मान
आगरा में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बदन सिंह और उसके साथी के खिलाफ हुई मुठभेड़ में साहसिक कार्रवाई के लिए तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी, आईपीएस सत्यजीत गुप्ता, इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल आदेश त्रिपाठी और प्रशांत कुमार को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।
एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया। अपराधियों के साथ मुठभेड़ में बलिदान देने वाले इंस्पेक्टर सुनील कुमार की बहादुरी को राष्ट्रपति वीरता पदक के जरिए सम्मानित किया गया है।
उत्तर प्रदेश फायर सर्विस के 16 कर्मियों को भी राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। इनमें चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल, मूलचंद सिंह, नेत्रपाल सिंह, सतेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, विनय यादव, आयुष्मान कुमार शर्मा, दीपक कुमार-I, उमाकांत शुक्ला, सुशील कुमार, धर्मपाल सिंह, सुमित प्रताप सिंह, प्रवेश कुमार, विवेक कुमार पटेल और पुष्पेंद्र सिंह शामिल हैं।
गाजियाबाद के खोड़ा स्थित सुनेहरी रेजीडेंसी में मार्च 2026 में हुए अग्निकांड के दौरान फंसे करीब 160 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने वाले फायर सर्विस कर्मियों की बहादुरी को भी इस सम्मान में जगह मिली है।
डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने वीरता पदक पाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मिले ये सम्मान प्रदेश पुलिस और फायर सर्विस के उन जांबाज कर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हैं।
फोटो कैप्शन: राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित आईपीएस मुनिराज जी।


