केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने करीब 11.40 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस देने की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस फैसले पर सरकार लगभग 2,009 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने तीन पेंशन योजनाओं के नाम में बदलाव करने का फैसला किया है। इन योजनाओं से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटाकर उनके नाम में प्रधानमंत्री शब्द जोड़ा जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य योजनाओं के नाम को नए स्वरूप में प्रस्तुत करना है।
दिव्यांगों की पेंशन से जुड़े नियमों में भी अहम बदलाव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पात्र दिव्यांगों को अब 18 वर्ष की उम्र पूरी होने का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार जन्म से ही पेंशन का लाभ मिल सकेगा। इस फैसले से दिव्यांग बच्चों वाले परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का भी निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत पात्र जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सहायता दी जाती है। सरकार के इन फैसलों से रेलवे कर्मचारियों, दिव्यांगों और सामाजिक सहायता योजनाओं के लाभार्थियों पर असर पड़ने की संभावना है।


