20 साल बाद श्रद्धालुओं के लिए बंद हुए कपाट
लखनऊ। पहाड़ों पर हुई बारिश और लगातार बढ़ रहे नदियों के जलस्तर से उत्तर प्रदेश में बाढ़ के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार आठवें दिन बढ़ने से फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में पानी भर गया है। फैजुल्लागंज के करीब 40 हजार घरों में 5 से 6 फीट तक पानी पहुंचने की बात सामने आई है। वहीं ऐतिहासिक लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में करीब 13 फीट पानी भर गया है।
गोमती का पानी मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद करीब 20 साल में पहली बार गर्भगृह को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद करना पड़ा है। हनुमानजी की प्रतिमा पूरी तरह जलमग्न हो गई है। मंदिर के ऊंचाई वाले हिस्से में चरण पादुका रखी गई हैं, जहां से श्रद्धालु दूर से दर्शन कर रहे हैं। हनुमंत धाम परिसर के साथ आसपास के इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
प्रदेश में गंगा, गोमती, सरयू, मनोरमा समेत करीब 10 नदियां उफान पर हैं और कई जिलों में बाढ़ का असर है। बस्ती के हर्रैया क्षेत्र स्थित अटल आवासीय विद्यालय परिसर में मनोरमा नदी और बारिश का पानी घुस गया है। इससे विद्यालय में रह रहे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोंडा में सरयू नदी के कटान ने भी रफ्तार पकड़ ली है।
उन्नाव में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ के बीच नाव नहीं मिलने पर एक बुजुर्ग ने गद्दे के सहारे पानी पार करने की कोशिश की। सोमवार शाम प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर में ओले भी गिरे। तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार और उत्तर प्रदेश के ऊपर बारिश का नया सिस्टम बना है और बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं आ रही हैं। इसके चलते प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला है। अगले करीब एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने और कुछ इलाकों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को प्रदेश के 33 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।


