नोएडा। इंजीनियर युवराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। SIT ने करीब 700 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है, जिसे मुख्यमंत्री को प्रस्तुत किया गया है।
एसआईटी की रिपोर्ट में नोएडा प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में स्पष्ट किया गया है कि घटना के समय जिम्मेदार अधिकारियों ने समय पर समुचित कदम नहीं उठाए, जिससे हालात और बिगड़ते चले गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी का खुलासा
रिपोर्ट के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने में अनावश्यक देरी की गई। इसके साथ ही, जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने के प्रयास भी सामने आए, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ और पीड़ित को समय पर सहायता नहीं मिल सकी।
दोषियों के नाम रिपोर्ट में दर्ज
SIT की जांच में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध या लापरवाह पाई गई है, उनके नाम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दर्ज किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही संबंधित विभागों में विभागीय कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
सरकारी स्तर पर रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ निलंबन, विभागीय जांच या अन्य कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।






