खत्म करने की धमकी देने वालों को नहीं छोड़ेंगे : नेतन्याहू
नई दिल्ली
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और इजरायल के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता के विफल होने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है, जिससे क्षेत्र में टकराव की आशंका और बढ़ गई है।
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान लंबे समय से इजरायल को “खत्म करने” की धमकी देता रहा है, लेकिन अब इजरायल अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को कमजोर करने के लिए चलाया गया अभियान काफी हद तक सफल रहा है और इस दिशा में “ऐतिहासिक उपलब्धियां” हासिल की गई हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान ने क्षेत्रीय स्तर पर इजरायल को घेरने की रणनीति अपनाई थी। उन्होंने गाजा में हमास, लेबनान में हिजबुल्लाह, सीरिया में असद शासन, इराक की मिलिशिया और यमन के हूती विद्रोहियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी ताकतें इजरायल के खिलाफ एक नेटवर्क के रूप में काम कर रही हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शांति वार्ता के असफल होने के बाद हालात और बिगड़ सकते हैं, जिससे क्षेत्र में बड़े संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, वैश्विक शक्तियां अब दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रही हैं, ताकि हालात नियंत्रण से बाहर न जाएं।


