लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल विकास के साथ रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उप्र कौशल विकास मिशन ने बड़ी पहल शुरू की है। मिशन की ओर से लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में मेगा जॉब फेयर (वृहद रोजगार मेला) आयोजित किए जाएंगे। इन रोजगार मेलों में लगभग 100 कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और लक्ष्य है कि 15 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि रोजगार मेलों में अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को तुरंत लाभ मिल सके। उन्होंने प्रशिक्षकों की उपस्थिति, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और संस्थानों के प्रदर्शन पर खास ध्यान देने को कहा। अच्छा काम करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन पर स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि उद्योगों की मांग और युवाओं की रुचि को ध्यान में रखते हुए नए व्यवसाय शुरू किए जाएं, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार बाजार में बेहतर अवसर मिल सकें। बैठक में यह भी बताया गया कि इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता के तहत मंडल स्तरीय प्रतियोगिताएं 1 से 10 दिसंबर के बीच और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 20 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच आयोजित होंगी।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता को मजबूत बनाने के लिए आईआईटी रुड़की और एमएनआईटी जयपुर को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है। इसके साथ ही आईआईएम लखनऊ तथा अन्य प्रमुख संस्थानों को भी जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। पाठ्यक्रम विकास, मूल्यांकन के सुधार और उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। प्रशिक्षकों की क्षमता वृद्धि के लिए वाधवानी संस्था के साथ एमओयू के तहत विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, विशेष सचिव अभिषेक सिंह, और कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



