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Sunday, February 15, 2026

ताजनगरी को नए साल में योगी सरकार देगी ‘फ्लैटेड फैक्ट्री’ का उपहार

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– प्लग एंड प्ले मोड पर अपने उद्योग को स्थापित कर सकेंगे उद्यमी

आगरा:  उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ योगी सरकार प्रदेश के औद्योगिक ढांचे को आधुनिक रूप दे रही है। इसी क्रम में ताजनगरी आगरा में उत्तर प्रदेश का पहला ‘फ्लैटेड फैक्ट्री’ (flattened factory) कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो रहा है। लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से 5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा यह प्रोजेक्ट सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने वर्चुअली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था, जिसका निर्माण अब अंतिम चरणों में है। नए साल में योगी सरकार ताजनगरी को फ्लैटेड फैक्ट्री का उपहार देगी।

आगरा के इस तीन मंजिला आधुनिक कॉम्प्लेक्स की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘प्लग एंड प्ले’ (Plug and Play) मॉडल है। यहाँ उद्यमियों को फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन खरीदने या भवन निर्माण की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। सरकार द्वारा बनी-बनाई फैक्ट्री (वर्कशेड) उपलब्ध कराई जाएगी, जहाँ उद्यमी अपनी मशीनें लगाकर तत्काल उत्पादन शुरू कर सकेंगे। इस कॉम्प्लेक्स में 200 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां एक साथ संचालित हो सकेंगी, जिससे गारमेंट्स, फुटवियर और हस्तशिल्प जैसे प्रदूषण मुक्त उद्योगों को बड़ी मजबूती मिलेगी।

उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने बताया कि आगरा के फाउंड्री नगर औद्योगिक क्षेत्र में फ्लैटेड फैक्ट्री का कार्य तेजी से चल रहा है, निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आगरा का फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी सोच का परिणाम है। यह यूपी का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जहाँ एक ही छत के नीचे सैकड़ों छोटे उद्योग फल- फूल सकेंगे। हमारा उद्देश्य उद्यमियों को इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत से बचाना और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है। इससे न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

यह कॉम्प्लेक्स केवल फैक्ट्रियों का समूह नहीं, बल्कि एक पूर्ण औद्योगिक ईको-सिस्टम होगा। 5 एकड़ में फैले इस परिसर में भारी मशीनों के लिए मजबूत फ्लोरिंग, हाई-स्पीड कार्गो लिफ्ट, चौड़ी सड़कें, निर्बाध बिजली आपूर्ति, और आधुनिक अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, परिसर में कॉमन सुविधा केंद्र (सीएफसी), प्रदर्शनी हॉल और कैफेटेरिया भी प्रस्तावित है, जिससे छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग में आसानी होगी।

आगरा में फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यहां 200 से अधिक इकाइयां शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। योगी सरकार की यह पहल ताजनगरी की पहचान पर्यटन के साथ-साथ एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी स्थापित करेगी। बता दें कि आगरा के अलावा कानपुर, लखनऊ और गाजियाबाद में फ्लैटेड फैक्ट्री बन रही है।

इसमें गारमेंट्स उद्योग को प्राथमिकता दी जाएगी। फुटवियर, एसी, कूलर, साइकिल, छोटे गैर मोटर चलित वाहन, चाय पैकिंग, ब्लॉक मेकिंग, प्रिंटिंग, हैंडलूम, कारपेट, चमड़े की कटिंग और सिलाई, इलेक्ट्रिक लैंप, कढ़ाई, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी इंडस्ट्री, लाइट इंजीनियरिंग सहित वह उद्योग लगेंगे जिनसे प्रदूषण नहीं होता है।

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