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Thursday, February 26, 2026

योगी कैबिनेट के फैसलों से यूपी में औद्योगिक और डिजिटल विकास को नई रफ्तार

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश (UP) के औद्योगिक, तकनीकी, प्रशासनिक और आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 13 को स्वीकृति प्रदान की गई। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी।

योगी सरकार ने प्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सेमीकंडक्टर नीति–2024 के तहत ₹3,000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश पर केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। इस नीति के अंतर्गत निवेशकों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹2,000 प्रतिमाह), जल मूल्य में छूट तथा 10 वर्षों तक प्रति यूनिट ₹2 बिजली बिल में राहत दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित कर रोजगार के अवसर सृजित करना है।

यूपी में बनेंगी फ्यूचर रेडी तहसीलें

राज्य सरकार ने राजस्व प्रशासन को डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए सभी तहसीलों को ‘फ्यूचर रेडी’ मॉडल पर विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत तहसीलों में डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन रिकॉर्ड मैनेजमेंट, ई-फाइलिंग सिस्टम, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, ब्लॉकचेन और एआई आधारित प्रणालियां लागू की जाएंगी।

इस परियोजना के लिए तहसीलों का सर्वे और फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भूमि रजिस्ट्री, प्रमाण-पत्र जारी करने और विवाद निस्तारण जैसी सेवाएं पूरी तरह डिजिटल होंगी और नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं मिल सकेंगी।

लखनऊ में बनेगी ग्रीन एनर्जी आधारित एआई सिटी

योगी सरकार के विजन के तहत लखनऊ में प्रस्तावित। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी को पूरी तरह ग्रीन एनर्जी आधारित मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इस एआई सिटी में डेटा सेंटर्स और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सोलर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग अनिवार्य होगा।

सरकार का मानना है कि इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और उत्तर प्रदेश वैश्विक तकनीकी निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनेगा। एआई सिटी में ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट, स्मार्ट मोबिलिटी और ऊर्जा कुशल तकनीकों को भी अनिवार्य किया जाएगा।

पीलीभीत में बनेगा नया बस स्टेशन

कैबिनेट ने पीलीभीत में टनकपुर रोड पर आधुनिक बस स्टेशन के निर्माण को मंजूरी दी है। यह बस स्टेशन 1.317 हेक्टेयर भूमि पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को 30 वर्षों की लीज पर दिया जाएगा, जिसे 90 वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा। इससे उत्तराखंड और नेपाल जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

कैबिनेट ने वाराणसी में 500 बेड के मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दी है, जो 315.48 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। साथ ही, वाराणसी में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (गांधीनगर) के ऑफ-कैंपस के लिए 50 एकड़ भूमि निःशुल्क देने का निर्णय लिया गया है।

खेल विभाग में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन किया गया है, जिससे अनुभवी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों दोनों को अवसर मिलेगा। वहीं, कानपुर में 37वीं वाहिनी पीएसी के जर्जर भवनों को ध्वस्त कर नए आवास बनाए जाएंगे। योगी सरकार के इन फैसलों से उत्तर प्रदेश में निवेश, रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में व्यापक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

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