लखनऊ। योगी आदित्यनाथ ने समाज में बढ़ती वैचारिक चुनौतियों पर चिंता जताते हुए कहा है कि कुछ लोग महापुरुषों को जातीय आधार पर बांटकर सनातन की एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे मंसूबों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुष पूरे समाज के होते हैं, उन्हें किसी एक वर्ग या जाति तक सीमित करना उनके योगदान का अपमान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस तरह की विभाजनकारी सोच से सावधान रहें और समाज की एकता व अखंडता को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति की शक्ति उसकी एकता और समरसता में निहित है। यदि समाज को बांटने की कोशिशें सफल होती हैं, तो इसका सीधा असर सामाजिक सौहार्द पर पड़ेगा। इसलिए जरूरी है कि सभी लोग मिलकर ऐसे प्रयासों का विरोध करें और समाज को जोड़ने का कार्य करें।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही विकास का मूल मंत्र है और इसी दिशा में सरकार कार्य कर रही है।
महापुरुषों को जाति के आधार पर बांटने की साजिश नाकाम करें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ


