वाराणसी। उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में वर्ष 2017 के बाद से व्यापक बदलाव देखने को मिला है। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पहले जहां परिषदीय विद्यालय जर्जर हालत में थे, वहीं अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “ऑपरेशन कायाकल्प” के तहत प्रदेश के लगभग 1.36 लाख विद्यालयों का जीर्णोद्धार कराया गया है। इन स्कूलों में शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे बच्चों का स्कूलों के प्रति आकर्षण बढ़ा है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में करीब 60 लाख नए बच्चों का नामांकन हुआ है और ड्रॉपआउट दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2017 से पहले स्कूलों में न तो पर्याप्त संसाधन थे और न ही शिक्षा का अनुकूल माहौल। कई विद्यालय बंद होने की कगार पर थे, लेकिन सरकार की योजनाओं और सतत प्रयासों से अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। “निपुण भारत मिशन”, “बाल वाटिका” और “डीबीटी योजना” जैसी पहलों ने प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में हर वर्ष लगभग 80 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जिससे न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है बल्कि शिक्षकों की गुणवत्ता और बच्चों के सीखने के स्तर में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को देश में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया और बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चों का भविष्य संवारना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
यूपी की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 1.36 लाख स्कूलों का कायाकल्प: सीएम योगी


