शाहजहांपुर
सड़क चौड़ीकरण के दौरान शहीदों की मूर्तियों के खंडित होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा संज्ञान लेते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहीदों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान लापरवाही बरतते हुए शहीदों की स्थापित मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री कार्यालय ने तुरंत इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की और संबंधित अधिकारियों को कठोर कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित निर्माण कंपनी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही जिन अधिकारियों की निगरानी में यह कार्य हो रहा था, उनकी जवाबदेही तय करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए गए हैं। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता को गंभीर अपराध माना जाएगा।
सीएम योगी के सख्त रुख के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और उससे सड़क निर्माण का कार्य भी वापस ले लिया गया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक आस्था और शहीदों के सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की चूक को सहन नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि खंडित हुई मूर्तियों को तत्काल प्रभाव से सम्मानजनक तरीके से पुनर्स्थापित किया जाए। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेकर मूर्तियों का पुनर्निर्माण या मरम्मत कर उन्हें पहले की तरह स्थापित करने को कहा गया है, ताकि शहीदों के सम्मान में कोई कमी न रह जाए।
इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में भी रोष देखा गया है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती हैं, बल्कि यह शहीदों के प्रति असंवेदनशीलता भी दर्शाती हैं। वहीं प्रशासन अब पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में इतनी बड़ी चूक हुई।


