लखनऊ।राजधानी स्थित 5-कालिदास मार्ग पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें राजस्व, पुलिस, विकास कार्य, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक कल्याण से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को सख्त संदेश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर शिकायत का समाधान तय समय सीमा में किया जाए और पीड़ित को संतोषजनक परिणाम मिलना चाहिए।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा है कि आम नागरिक को न्याय पाने के लिए भटकना न पड़े और उसकी समस्या का समाधान सीधे स्तर पर हो।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मामलों में तत्काल राहत संभव है, उन्हें प्राथमिकता से निपटाया जाए, जबकि जटिल मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र सहायता प्रदान की जाए।
जनता दर्शन को प्रदेश सरकार और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी मंच माना जा रहा है। इस पहल के माध्यम से सरकार जमीनी स्तर की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से न्याय दिलाना है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
जनता दर्शन में सीएम योगी का सख्त रुख, बोले—जनता की समस्या में लापरवाही बर्दाश्त नहीं


