सीएम योगी बोले—अवरोध नहीं, संवाद से चलता है लोकतंत्र
पहली बार सदन में पेश होगा उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वे
राज्यपाल का दावा—2017 के बाद 267 अपराधी ढेर, 4,137 करोड़ की संपत्ति जब्त
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को हंगामे के साथ शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई, लेकिन सदन के भीतर विपक्षी समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ‘गो बैक, गो बैक’ के नारों से सदन गूंजता रहा। विपक्ष का आरोप था कि सरकार जनहित के मुद्दों से भाग रही है, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन बताया। हंगामे के बावजूद राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कानून-व्यवस्था से लेकर आर्थिक प्रगति तक का खाका पेश किया।
सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और यह संवाद से चलता है, अवरोध से नहीं। उन्होंने साफ कहा कि कार्यवाही में बाधा डालना उन्हीं मुद्दों को कमजोर करता है, जिन्हें उठाने का दावा विपक्ष करता है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार पहली बार विधानसभा में आर्थिक सर्वे पेश कर रही है, ताकि प्रदेश की प्रगति को तथ्यों और आंकड़ों के साथ सदन के सामने रखा जा सके।
राज्यपाल के अभिभाषण में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की सख्त नीति का उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक 267 अपराधी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए हैं, 977 अभियुक्तों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध किया गया है और माफिया अपराधियों से 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। राज्यपाल ने दावा किया कि प्रदेश में छह करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकाले गए हैं और जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी है। नवंबर 2019 से अब तक 129 अपराधियों को आजीवन कारावास या अन्य कठोर सजाएं दिलाई गई हैं, जबकि दो को मृत्युदंड सुनाया गया है।
वहीं, सपा विधायकों ने एसआईआर और फॉर्म-7 के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा। विधायक जाहिद बेग नारे लिखी तख्तियां लेकर सदन पहुंचे, जबकि नेता प्रतिपक्ष विधानमंडल दल आराधना मिश्रा ‘मोना’ के नेतृत्व में सपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बजट सत्र से पहले सपा के विधायक और विधान परिषद सदस्य विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास भी धरने पर बैठे और भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से विधानसभा पहुंचे और वाराणसी में मंदिर तोड़े जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की बात कही।
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही पूर्व एवं वर्तमान दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद बुधवार तक के लिए स्थगित रहेगी। बुधवार को योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी, जिस पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं






