लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से मेडटेक हब के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों का असर अब स्वास्थ्य तकनीक (मेडिकल टेक्नोलॉजी) के क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश को मंजूरी दी गई है।
587 करोड़ रुपये का निवेश यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में किया जाएगा। शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स को 10 एकड़ भूमि का आशय पत्र (LOI) जारी किया गया है।
इस निवेश से 2900 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
रोबोटिक सर्जरी और AI से बदलेगा हेल्थकेयर।
इस परियोजना के तहत रोबोटिक सर्जरी के लिए विश्वस्तरीय तकनीकों का विकास किया जाएगा। अत्याधुनिक AI-आधारित मेडिकल डिवाइस, सर्जिकल रोबोट और स्मार्ट हेल्थ सॉल्यूशंस पर काम होगा, जिससे इलाज और सटीक, सुरक्षित और तेज़ हो सकेगा।
सरकार का मानना है कि इस निवेश से न केवल प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख मेडिकल टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित होगा। इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा।
रोजगार और नवाचार को बढ़ावा
मेडटेक सेक्टर में हो रहा यह निवेश युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा। इंजीनियरिंग, बायोटेक, AI और हेल्थ सेक्टर से जुड़े युवाओं को प्रदेश में ही काम करने का मंच मिलेगा।
योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश को भविष्य के हेल्थकेयर और मेडिकल इनोवेशन की दिशा में तेजी से आगे ले जाती हुई दिखाई दे रही है।

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