प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना
गोरखपुर।उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, सुरक्षा और समग्र विकास के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गुरु गोरखनाथ जी के दर्शन कर पूजा संपन्न की। इस दौरान मंदिर के संत-महंतों और आचार्यों ने विधिवत पूजा-अर्चना कराई। पूजा के उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में कुछ समय ध्यान और साधना भी की।
आस्था और प्रशासन का संगम
गोरखनाथ मंदिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आध्यात्मिक पहचान का केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे नियमित रूप से मंदिर में पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करते हैं। उनके निकट सहयोगियों का कहना है कि यही आध्यात्मिक अनुशासन उनके प्रशासनिक निर्णयों और कार्यशैली में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन की सूचना पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। लोगों ने मुख्यमंत्री के दर्शन किए और उनका अभिवादन किया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।
पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता के पथ पर अग्रसर रखने की कामना की। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि आध्यात्मिक मूल्यों और लोककल्याण की भावना के साथ ही मजबूत और समृद्ध प्रदेश का निर्माण संभव है।
गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूजा-अर्चना न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान रही, बल्कि यह आस्था, अनुशासन और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक भी बनी। प्रदेशवासियों के लिए यह संदेश स्पष्ट रहा कि शासन और आध्यात्म—दोनों का संतुलन ही उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।





