लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा और वीबी जीरामजी (विकसित भारत–रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन–ग्रामीण 2025) को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष इस अधिनियम पर इसलिए सवाल उठा रहा है, क्योंकि वह अपने पुराने कारनामों और भ्रष्ट परंपराओं का समर्थन कर रहा है। सीएम योगी ने दावा किया कि पहले मनरेगा के नाम पर देश के संसाधनों पर खुलकर डाका डाला गया, लेकिन अब जो संशोधन किए गए हैं, वे विकसित भारत की अवधारणा की आधारशिला और मील का पत्थर साबित होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आधारभूत इकाई माने जाने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाए हैं। इन कदमों का उद्देश्य गांवों में रोजगार, आजीविका और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है, ताकि विकसित भारत का सपना साकार हो सके। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत–रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन–ग्रामीण 2025’ का पारित होना इसी दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
सीएम योगी ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक देश के संसाधनों को लूटा, गरीबों को भूखा रहने, बेरोजगारी झेलने और पलायन के लिए मजबूर किया, वे आज इन सुधारों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग किसानों, मजदूरों और गांवों के हित में उठाए गए कदमों का समर्थन करने के बजाय, अपने पुराने भ्रष्टाचारपूर्ण रवैये को ही सही ठहराने में जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देशहित में लाए गए इस महत्वपूर्ण कानून पर एनडीए सरकार का आभार व्यक्त करने के बजाय, विपक्षी गठबंधन खुले तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली अपनी पुरानी सोच का समर्थन कर रहा है। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों में पारदर्शिता के साथ रोजगार सृजन, आजीविका के नए अवसर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है, और यह संशोधन उसी दिशा में एक ठोस और प्रभावी कदम है।

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