लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित युवा सहकार सम्मेलन का भव्य शुभारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से आए युवाओं, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं अधिकारियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
युवा सहकार सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सहकारिता आंदोलन से जोड़ना, उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। सम्मेलन में सहकारिता के माध्यम से स्टार्टअप, कृषि, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, स्वयं सहायता समूह और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने पर मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि
“सहकारिता भारतीय अर्थव्यवस्था की आत्मा है। जब युवा इससे जुड़ते हैं, तो यह आंदोलन और अधिक मजबूत होता है। सहकारिता के जरिए गांव, गरीब और किसान को सीधा लाभ मिलता है।”
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार डबल इंजन सरकार के मॉडल पर काम करते हुए सहकारी संस्थाओं को तकनीक, पारदर्शिता और पूंजी से जोड़ रही है, जिससे युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर मिल सकें।
सीएम योगी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि नौकरी देने वाले उद्यमी बनें। सहकारिता इस दिशा में सबसे मजबूत और सुरक्षित मंच है, जहां सामूहिक प्रयास से बड़ा परिवर्तन संभव है।
सम्मेलन में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संघों के पदाधिकारी, युवा प्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सहकारिता से जुड़े सफल नवाचारों और योजनाओं की प्रस्तुति भी दी गई।






