अर्चित शर्मा
फिरोजाबाद। चौत्र नवरात्र महोत्सव के सातवें दिन घरों, देवी मंदिरों में आदिशक्ति के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की हवन यज्ञ के साथ पूजा अर्चना की गई। मंदिरों में नेजा चढाने वालों की होड़ लगी हुई है। वहीं मंगला दर्शनों के लिए नगर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
सुहाग नगरी में नवरात्र महोत्सव की धूम रही है। बुधवार को देवी मंदिरों, घरों में आदिशक्ति के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विधि विधान से पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी। शुभं और निशुंभ के सेनापति ने रक्तबीज को वरदान दिया था कि यदि उसकी खून की बूंदे धरती पर गिरती है तो एक और शक्तिशाली राक्षस पैदा होगा। जब उसका बध करना कठिन हो गया, तो मां दुर्गा ने मां कालरात्रि का अत्यंत भंयकर रूप धारण कर रक्तबीज का बध खड्ग से किया था और उसके खून को जमीन से गिरने से पहले ही मां ने पी लिया था। मां कालरात्रि ने शुंभ और निशुंभ का बध कर तीनों लोको का भयमुक्त किया था। जगह-जगह मां भगवती के भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। तो कहीं नेजा चढाने वालों एक दूसरे में होड़ सी लगी हुई है। नगर के राजराजेश्वरी मां कैला देवी मंदिर, नगर कोट माता मंदिर, मां बैष्णों देवी धाम में प्रातः से ही दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मां भगवती के दर्शन कर मन्नौतियां मांगी।


