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Sunday, February 1, 2026

WHO ने निपाह वायरस को लेकर दी चेतावनी

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वाशिंगटन: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने शनिवार को Nipah virus को लेकर चेतावनी जारी की। उनके अनुसार यह वायरस दुर्लभ है, लेकिन गंभीर प्रभाव डाल सकता है। घेब्रेयसस ने स्पष्ट किया कि निपाह वायरस के प्रकोप से जुड़े मामले फिलहाल केवल भारत तक ही सीमित हैं और किसी अन्य देश से संक्रमण की कोई सूचना नहीं मिली है।

घेब्रेयसस ने बताया कि पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले सामने आए हैं, जो 1998 में वायरस की पहली पहचान के बाद इस राज्य में तीसरे मामले हैं। उन्होंने कहा कि भारत के स्वास्थ्य अधिकारी 190 से अधिक संपर्कों की निगरानी कर रहे हैं और अब तक किसी में भी संक्रमण विकसित नहीं हुआ है। इसके साथ ही अधिकारियों ने रोकथाम और निगरानी बढ़ा दी है तथा स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण नियंत्रण के उपाय लागू किए हैं। जनता को भी सुरक्षित रहने के तरीके बताए जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में सामने आए दो संक्रमित व्यक्ति दोनों ही नर्स हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि उनकी हालत में सुधार हुआ है। पुरुष नर्स को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि महिला नर्स को वेंटिलेटर से हटाकर निगरानी में रखा गया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दिसंबर 2025 के अंत में दोनों में गंभीर निपाह वायरस के लक्षण दिखाई दिए थे और जनवरी 2026 की शुरुआत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि निपाह वायरस चमगादड़ों से मनुष्यों में फैल सकता है। यह निकट संपर्क या दूषित भोजन के माध्यम से संक्रमण फैलाने में सक्षम है। वायरस के लक्षणों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं, जिससे शुरुआती पहचान मुश्किल हो सकती है।

डब्ल्यूएचओ ने यह भी बताया कि निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति में मस्तिष्क में सूजन होने की संभावना रहती है। गंभीर मामलों में मृत्यु दर 40% से 75% तक हो सकती है, इसलिए संक्रमण के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सीय सहायता लेना जरूरी है।

घेब्रेयसस ने कहा कि फिलहाल किसी भी यात्रा या व्यापार पर रोक लगाने की आवश्यकता नहीं है। मानव से मानव में संक्रमण फैलने का कोई सबूत नहीं है, इसलिए वैश्विक स्तर पर जोखिम कम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों और मेडिकल केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संक्रमित क्षेत्रों में सुरक्षा और संगरोध के उपायों को बढ़ाया गया है। लोगों को चमगादड़ों और संभावित दूषित भोजन से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, निपाह वायरस पर जल्द प्रतिक्रिया और संक्रमण नियंत्रण बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण के शुरुआती लक्षण पहचानने और प्रभावित व्यक्तियों की निगरानी करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने भी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। स्कूल, सार्वजनिक स्थान और स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण फैलने से रोकने के उपाय लागू किए गए हैं। जनता को स्वास्थ्य नियमों का पालन करने और संदेहास्पद लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

निपाह वायरस की गंभीरता को देखते हुए डब्ल्यूएचओ और भारत सरकार मिलकर निगरानी, परीक्षण और रोकथाम के उपायों को मजबूत कर रहे हैं। इससे संक्रमण के फैलाव को सीमित करना और प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना मुख्य लक्ष्य है।

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