शाहजहांपुर।
परशुरामपुरी तहसील की ग्राम पंचायत रौली बौरी में हाल ही में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की ज़िंदगी को पूरी तरह तबाह कर दिया। आग की चपेट में आकर दर्जनों कच्चे-पक्के मकान जलकर राख हो गए। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर और जरूरी घरेलू सामान स्वाहा हो गया, जिससे पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं।
दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि इतनी बड़ी आपदा के बाद भी न तो समय पर कोई सरकारी सहायता मौके पर पहुंची और न ही कोई जनप्रतिनिधि पीड़ितों का हालचाल लेने आया। मदद की आस लगाए पीड़ित परिवारों को जब हर तरफ से निराशा ही हाथ लगी, तब समाजसेवी एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. के.पी. गुप्ता उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए।
डॉ. के.पी. गुप्ता स्वयं गांव पहुंचे और आग से प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा को नजदीक से समझा। उन्होंने पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ-साथ आवश्यक राहत सामग्री भी वितरित की। इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर वे हरसंभव सहयोग करते रहेंगे।
डॉ. गुप्ता की इस संवेदनशील और मानवीय पहल से पीड़ित परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटी और आंखों में उम्मीद की चमक दिखाई दी। ग्रामीणों ने उनके इस नेक कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें सच्चा समाजसेवी बताया।
जहां एक ओर व्यवस्था की खामोशी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है, वहीं डॉ. के.पी. गुप्ता जैसे लोग यह साबित कर रहे हैं कि इंसानियत आज भी ज़िंदा है और जरूरतमंदों के लिए मदद का हाथ बढ़ाने वाले लोग अब भी समाज में मौजूद हैं।
जब सबने मोड़ा मुंह, तब आग पीड़ितों के लिए इंसानियत की मिसाल बने डॉ. के.पी. गुप्ता


