आलू-गेहूं किसानों को भारी नुकसान, भट्टा उद्योग पर भी पड़ा असर
लखनऊ: प्रदेश के अधिकांश जिलों में मंगलवार की शाम से मौसम अचानक बिगड़ गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई इलाकों में बारिश (rain) हुई, जिससे ठंड में तेज़ इजाफा दर्ज किया गया। बारिश और सर्द हवाओं के चलते आम जनमानस का जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मौसम में आए इस बदलाव का सबसे गहरा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। प्रदेश के आलू उत्पादक जिलों—फर्रुखाबाद, कन्नौज, आगरा, एटा, मैनपुरी, हाथरस सहित अन्य क्षेत्रों में आलू किसानों की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। खेतों में खुदाई किए गए आलू बारिश के पानी में भीग गए, जिससे उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है। कई जगह आलू की खुदाई रोकनी पड़ी है, जिससे किसानों की लागत बढ़ने और मुनाफा घटने की आशंका है।
बारिश ने गेहूं किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। जिन क्षेत्रों में गेहूं की फसल शुरुआती अवस्था में है, वहां अधिक नमी के कारण फसल पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। किसान बताते हैं कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है। केवल खेती ही नहीं, बल्कि ईंट-भट्टा उद्योग पर भी मौसम की मार पड़ी है। बारिश के कारण भट्टों पर कच्ची ईंटें खराब हो गई हैं और कई जगह उत्पादन कार्य रोकना पड़ा है। इससे भट्टा संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं दिहाड़ी मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर भी संकट गहराने लगा है।
मौसम के अचानक बदले तेवर से शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। शाम के समय बाजारों में भीड़ कम रही और यातायात पर भी असर पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और ठंड बने रहने की संभावना है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, प्रदेश में बदले मौसम ने जहां ठंड बढ़ा दी है, वहीं किसानों, भट्टा व्यवसाय और आम जनजीवन के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी।


