वाराणसी: उत्तर प्रदेश में शनिवार को लगातार दूसरे दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। राजधानी लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं गोरखपुर, जालौन सहित करीब 10 शहरों में सुबह से कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी जारी है। बर्फीली हवाओं ने ठंड का अहसास बढ़ा दिया है, जिससे लोगों को मार्च में ही जनवरी जैसी सर्दी महसूस हो रही है।
दूसरी ओर पश्चिमी यूपी के आगरा, मथुरा, मेरठ और अलीगढ़ समेत कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय सड़कों पर विजिबिलिटी घटकर करीब 100 मीटर तक रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। अचानक बदले मौसम के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 23 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बुंदेलखंड और पूर्वांचल के अधिकांश जिले शामिल हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रविवार को भी हालात ऐसे ही बने रहेंगे और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है। तेज हवाओं के साथ मौसम के और बिगड़ने की आशंका जताई गई है।
पिछले 24 घंटों में अयोध्या, बाराबंकी, सीतापुर समेत 25 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। ललितपुर में ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि सड़कों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। इससे खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ। कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया, और एक महिला किसान अपनी फसल बर्बाद देखकर रो पड़ी।
मौसम की इस मार के बीच हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। प्रयागराज, बलरामपुर, बहराइच और मिर्जापुर में आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं झांसी में बारूद फैक्ट्री पर बिजली गिरने से भीषण विस्फोट हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पूरे प्रदेश का मौसम अचानक बदल गया है। उन्होंने बताया कि रविवार तक मौसम खराब बना रहेगा, गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि 23 मार्च के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद जताई गई है।


