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Friday, February 27, 2026

हम समाज के नहीं, अपराध के खिलाफ हैं: यूथ इंडिया की कलम बिकेगी नहीं, झुकेगी नहीं

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शरद कटियार

फाउंडर & एडिटर -इन -चीफ
यूथ इंडिया न्यूज़ ग्रुप

इन दिनों प्रदेश में अपराधियों के विरुद्ध चल रही सख्त कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया (social media) पर तरह-तरह की बातें फैलाई जा रही हैं। कुछ लोग जानबूझकर इसे जातीय चश्मे से देखने और दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीण अंचल के भोले-भाले, कम पढ़े-लिखे युवाओं को भावनात्मक रूप से भड़काया जा रहा है। शासन-प्रशासन की वैधानिक कार्रवाई को समाज विशेष के खिलाफ बताया जा रहा है।

मैं आज स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूँ—अपराध की कोई जाति नहीं होती।गुंडा, माफिया, दरिंदा — इनकी पहचान इनके कर्म से होती है, जन्म से नहीं।जब उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन ने माफिया और गैंगस्टर के रूप में चिन्हित अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू किया, जब अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चला, जब आतंक का पर्याय बन चुके नाम जेल भेजे गए — तब कुछ तत्वों ने इसे जातीय रंग देने की कोशिश की।

फर्रुखाबाद हो या प्रदेश का कोई अन्य जनपद — जो भी अपराधी कानून के दायरे में आया, वह अपने कर्मों की वजह से आया। यह सत्य है कि कुछ ऐसे लोग, जिन्होंने वर्षों तक भय, अवैध धन और हिंसा के बल पर साम्राज्य खड़ा किया, उन्होंने स्वयं को समाजसेवी का चोला पहनाकर प्रस्तुत किया। लेकिन सच का चेहरा देर से सही, सामने आता अवश्य है।

जो लोग समाज के भीतर ही निर्दोषों का उत्पीड़न करते रहे, जिन्होंने अपने ही परिचितों, अपने ही क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय किया, जिन पर हत्या, कब्जा, धमकी और शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे,वे जब कानून के शिकंजे में आए तो कुछ लोगों ने भावनात्मक कथा गढ़नी शुरू कर दी।

हम स्पष्ट करना चाहते हैं ,

यूथ इंडिया की कलम किसी समाज के खिलाफ नहीं है।

हमने सदैव सम्मानित ब्राह्मण समाज को आदर दिया है। हमने उन्हें “भूसूर” — धरती के देवता — कहकर सम्मानित किया है।

यूथ इंडिया का उदय फर्रुखाबाद की उसी पावन धरती से हुआ, जिसे ब्राह्मण गढ़ कहा जाता है। हमें स्नेह मिला, समर्थन मिला, आशीर्वाद मिला। आज भी मिलता है। और हम उसके लिए कृतज्ञ हैं।

लेकिन कुछ युवा साथी, जो सोशल मीडिया के उकसावे में आकर असंयमित टिप्पणियाँ करते हैं, वह जान लें हम किसी जाति विशेष के विरोधी नहीं, बल्कि अपराध और अपराधी के विरोधी हैं। फर्रुखाबाद जनपद में गुंडाराज के खिलाफ यूथ इंडिया ने ही जब मुहिम चलाई थी, तभी 17 साल से संघर्ष कर रहे मेजर सुनील दत्त द्विवेदी जो भाजपा के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय ब्रह्म दत्त द्विवेदी के ज्येष्ठ पुत्र हैं, वह सदर विधानसभा से विधायक बन सके थे। यदि किसी अन्य समाज से संबंधित व्यक्ति पर भी अपराध सिद्ध होता है, तो यूथ इंडिया ने उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया है और आगे भी करेगा। हमारी पत्रकारिता का आधार व्यक्ति की जाति नहीं, उसके कर्म हैं।हम न किसी दल के हैं, न किसी वर्ग के समर्थक।हम केवल पत्रकार हैं।पत्रकारिता हमारे लिए पेशा नहीं, तप है।यूथ इंडिया केवल एक मीडिया समूह नहीं, एक विचार है।

एक ऐसा दीपक, जो स्वयं जलकर समाज को रोशन करता है।

कुछ मुट्ठी भर लोग यदि सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हैं, तो उससे हमारा मार्ग नहीं बदलता। हमने धमकियाँ भी देखी हैं, मुकदमे भी देखे हैं, दबाव भी देखे हैं, लेकिन हमने कभी अपनी कलम नहीं बेची।

आज यूथ इंडिया उत्तर प्रदेश की सीमाओं से बाहर निकल चुका है। देश के अनेक हिस्सों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। और वह दिन दूर नहीं जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूथ इंडिया की पहचान होगी।हम बेखौफ पत्रकारिता के पक्षधर रहे हैं और रहेंगे। गुंडा यदि किसी भी जाति का होगा हम उसे बेनकाब करेंगे।भ्रष्टाचार यदि किसी भी दल में होगा हम उसे उजागर करेंगे। अन्याय यदि किसी भी वर्ग पर होगा हम उसके साथ खड़े होंगे। हमारा संघर्ष समाज के खिलाफ नहीं, समाज को बचाने के लिए है। और अंत में,जो लोग भ्रम फैला रहे हैं, वे यह जान लें कि यूथ इंडिया की कलम झुकेगी नहीं।सत्य के मार्ग से हटेगी नहीं।और अपराध के सामने रुकेगी नहीं।यही हमारी प्रतिज्ञा है।

यही हमारी पत्रकारिता है।
यही यूथ इंडिया है।

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